क्या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दिया प्रधान मंत्री को धोखा?

कुंडली से पलवल तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन एच ए आई) के पास भूमि का एक इंच का भी वास्तविक कब्जा नहीं है ना ही जमीन पर कुछ सडक बनाने का काम शुरू हुआ है। सिर्फ जिलाधिकारियों को प्रभाव में लाकर राजस्व रिकॉर्ड में कब्जे की स्थिति को बदल दिया गया है। असली मालिक की अनुमति या एनओसी के बगैर किसी भूमि का इस तरह मौलिक अधिकार बदलना गैर कानूनी व अवैध है।