क्यों ख़ामोश है “हिंदू नस्ल”?

पश्चिम की श्वेत नस्लों द्वारा संसार की अन्य नस्लों के संग इतने व्यापक अन्याय किये गए कि उनकी चर्चा तक न हो इस उद्देश्य से पश्चिमि देशों ने समूचे विश्व में ऐसा वातावरण निर्मित किया है कि मानो नस्ल शब्द का उपयोग ही पाप हुआ। और इस सब के मध्य यदि किसी नस्ल को सर्वाधिक क्षति पहुँची है तो वह नस्ल “हिंदू” ही है।