“दूसरों को चाटो और अपनों को डाँटो”

श्री बोस ने अपने यूरोप प्रवास पर मैडम क्यूरी, लुई ब्रॉगली तथा अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे महान वैज्ञानिकों के संग कार्य किया। आइंस्टीन के संग कार्य कर उन्होंने “बोस-आइंस्टीन स्टेटिकल” की खोज की। पर विश्व स्तरीय ख्याति भी भारतीय वैज्ञानिक बोस को भेदभाव से बचा नहीं पाई। बोस की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि थी अणु के तत्व पदार्थ को खोज, जिसे पूर्व में “गॉड पार्टिकल” कहा जाता था, जिसे बाद में जिनीवा स्थित विज्ञान प्रयोगशाला में व्याहारिक रूप में प्रदर्शित किया गया।