नेताजी – मैं तुम्हारे लिए कतरा कतरा कर खून बहादूगाँ, तुम मुझे धोखा देना

खोसला कमीशन के सामने पं नेहरू के लीपिक श्यामलाल जैन की गवाही से इस तथ्य की पुष्टि होती है कि प्रधानमंत्री नेहरू को नेताजी के रूस में बन्दी हाकनक का पूर्ण बोध था। कुछ समय पूर्व अवर्गीकृत हुए दस्तावेज़ो में यह भी स्थापित होता है कि नेताजी के परिवार पर उसी भाँति की जासूसी हुई जैसी एक आतंकवादी के परिवार की होती है, उनकी जर्मन पत्नी द्वारा अपने भारतीय परिजनों को भेजे गए प्रत्येक पत्र को न केवल पढा गया बलिक उनकी छायाप्रति भी की गई।