पितृदोष का मतलब..?

पृथ्वी कर्म भूमि है तो फलों का भोगना भीइसी भूमि में है..और इससे कोई नहीं बचा है..चाहे ईश्वर ही क्यूँ न हो..उदाहरण..मेंराम ने बाली को मारा तो वो बहेलिया बनकर जन्म लिया और द्वापर में भगवान श्री कृष्ण को बाण से मारा…और भीष्मपितामाह ने भी पूर्व जन्म के दोष को बाणों की शैया में 6 महीने लेटे हुए कष्टदायी भोग को भोगा..यह मेरा अपना निजी अध्यन,विचार व अनुभव है