मंगल लग्न भाव में होने से चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में दोष

परिवार में तनाव के कारण पति पत्नी में दूरियां लाता है.इस भाव का मंगल पंचम भाव, अष्टम भाव एवं नवम भाव को देखता है.मंगल की इन भावों में दृष्टि से संतानपक्ष पर विपरीत प्रभाव होता है.भाग्य का फल मंदा होता है.चतुर्थ भाव में मंगलचतुर्थ स्थान में बैठा मंगल सप्तम, दशम एवं एकादश भाव को देखता है.